Bharat Jodo Nyay Yatra: राहुल गांधी को असम में शंकरदेव मंदिर जाने की नहीं मिली अनुमति, भड़के

गुवाहाटी, एजेंसी: Bharat Jodo Nyay Yatra: असम के नौगांव जिले में वैष्णव संत श्रीमंत शंकरदेव के जन्मस्थान जाने की अनुमति मिलने से इन्कार के बाद वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को सवाल किया कि क्या अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तय करेंगे कि भारत में कौन मंदिर जाएगा। कानून-व्यवस्था की स्थिति में संभावित अड़चन का हवाला देकर सरकार ने राहुल को मंदिर जाने की अनुमति नहीं दी।

क्या अब पीएम मोदी तय करेंगे कि कौन मंदिर जाएगा

 

भारत जोड़ो न्याय यात्रा के दौरान राहुल गांधी ने कहा, ‘यह आश्चर्यजनक है क्योंकि राहुल गांधी वहां नहीं जा सकता, जबकि बाकी सभी श्रीमंत शंकरदेव के जन्मस्थान जा सकते हैं। क्या प्रधानमंत्री मोदी फैसला करेंगे कि कौन मंदिर जाएगा और कब?’ राहुल ने पत्रकारों से कहा कि शंकरदेव की तरह कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता भी लोगों को साथ लाने और नफरत नहीं फैलाने में यकीन करते हैं। उन्होंने कहा, ‘शंकरदेव हमें मार्गदर्शन देते हैं और हमारे गुरु के समान हैं। इसलिए असम आने के बाद मैं उनके प्रति सम्मान व्यक्त करना चाहता था। रविवार को हमें सूचित किया गया कि कानून-व्यवस्था का मामला है, लेकिन 11 जनवरी को हमें जन्मस्थान पर आने का निमंत्रण मिला था।’ राहुल ने आगे कहा, ‘जितना जल्दी संभव हो, मैं बताद्रबा (शंकरदेव जन्मस्थान) जाऊंगा। मुझे लगता है कि पूरे देश को उस मार्ग पर चलना चाहिए जो शंकरदेव ने हमें दिखाया।’

रास्ते में हैबरगांव के पास राहुल गांधी को रोका गया

 

राहुल और उनका समूह सोमवार को सुबह-सुबह शंकरदेव के जन्मस्थान के लिए रवाना हुआ था, लेकिन रास्ते में हैबरगांव के पास उन्हें अतिरिक्त जिला आयुक्त लख्यज्योति दास एवं नौगांव के एसपी नवनीत महंत ने रोक लिया। जिला प्रशासन ने जन्मस्थान के पास भारी सुरक्षा बल तैनात किया था। राहुल ने पुलिस से कहा कि उन्हें क्यों रोका जा रहा है, वे सिर्फ वहां प्रार्थना करना चाहते हैं, कोई समस्या पैदा नहीं करना चाहते। इसके बाद राहुल, अन्य वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं और समर्थकों ने हैबरगांव में धरना दिया। जबकि पार्टी सांसद गौरव गोगोई एवं बताद्रबा के विधायक सिबामोनी बोरा विवाद का निपटारा करने के लिए जन्मस्थान पर गए।

कांग्रेस सांसद ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधा

 

गौरव गोगोई ने बाद में बताया कि जन्मस्थान पूरी तरह खाली था। उन्होंने कहा, ‘इस बात का झूठ और अफवाह फैलाई गई कि राहुल गांधी के जाने से कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा हो सकती है। हिमंत बिस्वा सरमा ने बताद्रवा के इतिहास और श्रीमंत शंकरदेव की विरासत पर काला धब्बा लगा दिया है।’ कांग्रेस सांसद ने कहा, ‘राहुल की ओर से हमने शांति और सद्भाव की प्रार्थना की और परिसर में मौजूद पुजारियों ने उन्हें अपना आशीर्वाद दिया। इलाका पूरी तरह शांतिपूर्ण था, लेकिन प्रशासन ने भीड़ एवं कानून-व्यवस्था की स्थिति के बारे में गलत जानकारी फैलाई।’

जयराम रमेश ने कहा, क्रोनोलाजी समझिए

 

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार को राहुल गांधी से कहा था कि वह अयोध्या में रामलला के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा से पहले बताद्रबा मंदिर न जाएं। इसके तुरंत बाद श्रीमंत शंकरदेव जन्मस्थान की प्रबंध समिति ने घोषणा की थी कि वह कांग्रेस नेता को सोमवार दोपहर तीन बजे से पहले प्रवेश की अनुमति नहीं देगी। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने असम सरकार पर दबाव डाला कि राहुल गांधी को श्रीमंत शंकरदेव के जन्मस्थान पर जाने से रोका जाए। उन्होंने एक्स पर पोस्ट में कहा कि क्रोनोलाजी समझिए। पहले मंदिर के प्रमुख ने राहुल गांधी के आगमन का स्वागत किया, लेकिन अचानक असम के मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि वह सिर्फ सोमवार को दोपहर तीन बजे के बाद ही वहां जा सकते हैं।

मोरीगांव में पदयात्रा से बचने को कहा

 

मोरीगांव के जिला आयुक्त ने राहुल गांधी से कहा कि वह जिले में नुक्कड़ बैठक और पद यात्रा करने से बचें क्योंकि शरारती तत्व जिले में शांति एवं सद्भाव बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं। इसके लिए जिला प्रशासन को मिली खुफिया जानकारी को आधार बनाया गया था।

 

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