हरियाणा में HCS अधिकारी अपने कैडर के अनुरूप नहीं मिल रही एडीसी की पोस्टिंग, हो रहा सौतेला व्यवहार

manoharlal

नरेंद्र सहारण, चंडीगढ़। हरियाणा में कार्यरत एचसीएस अधिकारियों (HCS Officers)को उनके कैडर में निर्धारित अतिरिक्त जिला उपायुक्तों के पद पर उपयुक्त पोस्टिंग नहीं मिल पा रही है। राज्य के मौजूदा एचसीएस कैडर में अतिरिक्त जिला उपायुक्त (एडीसी) के 15 पद निर्धारित हैं, लेकिन इनमें से केवल चार जिलों में ही एचसीएस अधिकारियों को एडीसी पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। एचसीएस अधिकारी इसे अपने साथ सौतेला व्यवहार मानते हैं, हालांकि यह राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में होता है कि वह किस अधिकारी से कहां और किस रूप में सेवा लेना चाहती है। किसी भी जिले में अतिरिक्त जिला उपायुक्त का पद उपायुक्त के बाद सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। प्रशासनिक व्यवस्था के अनुसार एडीसी के पद पर न केवल आइएएस बल्कि वरिष्ठ एचसीएस अधिकारी भी तैनात किए जा सकते हैं। वर्तमान में अंबाला सहित 18 जिलों में एडीसी के पद पर आइएएस अधिकारी तैनात हैं। यह तब है, जब प्रदेश के सभी 22 जिलों के डीसी के पद पर भी केवल आइएएस अधिकारी ही तैनात किए जा सकते हैं। कुल मिलाकर देखा जाए तो हरियाणा में डीसी और एडीसी के कुल 44 पदों पर अब 40 आइएएस अधिकारी काम कर रहे हैं, जिससे एचसीएस अधिकारियों में अपने पद के प्रति काफी हीनभावना महसूस की जाने लगी है।

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में एडवोकेट हेमंत कुमार के अनुसार कुछ वर्षों पहले जिले के एडीसी के पद पर तैनात अधिकारी इस पद के साथ-साथ जिले का सचिव, आरटीए (क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण) एवं डीआरडीए (जिला ग्रामीण विकास एजेंसी) का सीइओ ( मुख्य कार्यकारी अधिकारी) भी होता था, परंतु अब ऐसी व्यवस्था नहीं है। हालांकि वर्तमान में एडीसी उसके संबंधित जिले का जिला नागरिक संसाधन सूचना अधिकारी होता है। सवा तीन वर्ष पूर्व अक्टूबर 2020 में प्रदेश सरकार द्वारा हरियाणा सिविल सेवा-एग्जीक्यूटिव ब्रांच-कार्यकारी शाखा कैडर संख्या निर्धारण आदेश जारी किया गया था, जो वर्तमान में लागू है। उसमें स्पष्ट तौर पर जिलों के अतिरिक्त उपायुक्त के 15 पदों को एचसीएस कैडर में शामिल किया गया था, जिन पर सिलेक्शन ग्रेड/सुपर टाइम स्केल या नौ से 18 वर्षों की एचसीएस सेवा वाले अधिकारी तैनात किए जाने का प्रविधान है।

नान एचसीएस कोटे से प्रमोट अधिकारियों की मौज

 

हरियाणा के केवल चार जिले कैथल, पानीपत, पंचकूला और रोहतक में ही एडीसी के पदों पर वरिष्ठ एचसीएस अधिकारी तैनात हैं। कैथल में मई 2023 से एचसीएस अधिकारी सुशील कुमार-1 (2003 बैच), पानीपत में अगस्त 2021 से महिला एचसीएस वीना हुड्डा (2002 बैच), पंचकूला में महिला एचसीएस वर्षा खंगवाल (2004 बैच) और रोहतक में महेश कुमार (2013 बैच) बतौर एडीसी तैनात हैं। अब वर्तमान में एचसीएस कैडर में पर्याप्त योग्य अधिकारी होने के बावजूद प्रदेश के 11 अन्य जिलों में वरिष्ठ एचसीएस को एडीसी क्यों नहीं तैनात किया गया है, इस संबंध में कार्मिक विभाग फैसला लेने के लिए उपयुक्त अथारिटी है। प्रदेश में जहां तक आइएएस कैडर संख्या निर्धारण का विषय है, तो इसे पिछली बार पांच वर्ष पूर्व दिसंबर 2018 में केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) द्वारा नोटिफाई किया गया, जो वर्तमान में ही लागू है।

इसमें एडीसी के केवल सात पद शामिल हैं, हालांकि वर्तमान में हरियाणा के 18 जिलों सिरसा में 2016 बैच के आइएएस डा. विवेक भारती, जींद में 2016 बैच के आइएएस डा. हरीश कुमार वशिष्ठ, चरखी दादरी में 2016 बैच के आइएएस डा. जैयइंद्र सिंह छिल्लर और फतेहाबाद में 2016 बैच के आइएएस डा. ब्रह्मजीत सिंह रंगी बतौर एडीसी तैनात हैं। यह सभी चारों आइएएस अक्टूबर 2022 में नान-एचसीएस कोटे से सीधे आइएएस में नियुक्त हुए थे, जिन्हें बाद में केंद्र सरकार द्वारा 2016 का आइएएस बैच वर्ष अलाट किया गया था।

इन आइएएस अधिकारियों के पास है एडीसी की जिम्मेदारी

एडवोकेट हेमंत कुमार के अनुसार 2017 बैच के तीन आइएएस स्वप्निल रविंद्र पाटिल रेवाड़ी जिले में, साहिल गुप्ता पलवल में और डा. वैशाली शर्मा करनाल में एडीसी के पद पर तैनात हैं। 2018 बैच के चार आइएएस अधिकारी आयुष सिन्हा यमुनानगर में, अपराजिता अंबाला में, अखिल पिलानी कुरुक्षेत्र और अनुपमा अंजलि भिवानी में एडीसी के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। 2019 बैच के कुल आठ आइएएस अधिकारियों में सर्वाधिक सात आइएएस वैशाली सिंह महेंद्रगढ़ में, अंकिता चौधरी सोनीपत में, नीरज हिसार में, आनंद कुमार शर्मा फरीदाबाद में, सलोनी शर्मा झज्जर में, हितेश कुमार मीणा गुरुग्राम में और रेणु सोगन नूंह जिले में एडीसी के पद पर कार्यरत हैं। एचसीएस अधिकारियों में इस बात को लेकर आक्रोश है कि उनकी राज्य स्तरीय एसोसिएशन इस भेदभाव को राज्य सरकार के समक्ष प्रभावशाली तरीके से नहीं उठा पाई है। रोचक तथ्य यह भी है कि दो साल वर्ष पूर्व फरवरी 2022 में वर्षा खंगवाल एचसीएस एसोसिएशन की चेयरपर्सन निर्वाचित हुई थी, जो मुख्यतः हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास निगम की अतिरिक्त प्रबंध निदेशक भी हैं, उनके पास जिला पंचकूला की अतिरिक्त उपायुक्त का कार्यभार शामिल है।

 

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