दिग्गजों के अपनों को टिकट देने की चुनौती से जूझ रही भाजपा, जानें किन नेताओं ने मांगा परिवार के लिए टिकट

Manohar Lal Nayab Saini

नरेन्द्र सहारण, चंडीगढ़। Haryana Assembly Election 2024: हरियाणा में एक अक्टूबर को होने वाले विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ भाजपा ‘एक परिवार-एक टिकट’ की अपनी नीति पर कायम रहने के साथ-साथ राज्य के असरदार राजनीतिक परिवारों को खुश करने की चुनौती से जूझ रही है। भाजपा में करीब एक दर्जन ऐसे रसूखदार नेता हैं, जो देश और प्रदेश की राजनीति में अपना अच्छा हस्तक्षेप रखते हैं। वे स्वयं भी पार्टी में महत्वपूर्ण पदों पर हैं और अब विधानसभा चुनाव में अपने परिवार के सदस्यों के लिए टिकट मांग रहे हैं।

भाजपा ने परिवारवाद की राजनीति पर कड़े प्रहार किए

भाजपा के सामने सबसे बड़ी समस्या यह है कि उसने हरियाणा में हमेशा परिवारवाद की राजनीति पर कड़े प्रहार किए हैं। प्रदेश की राजनीति में स्व. देवीलाल, चौधरी बंसीलाल और स्व. भजनलाल के परिवारों का पूरा वर्चस्व तथा हस्तक्षेप है। राजनीति के सार्वजनिक मंचों से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह तक इन लाल परिवारों के परिवारवाद पर जमकर हमला बोल चुके हैं। मोदी और शाह के निशाने पर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और उनके बेटे दीपेंद्र सिंह हुड्डा तक रहे हैं। अगर भाजपा हरियाणा के चुनाव में अपनी पार्टी के प्रमुख नेताओं के परिजनों को टिकट देती है तो उसे विपक्ष के सवालों का जबरदस्त तरीके से सामना करना पड़ेगा।

आरएसएस भी परिवारवाद की राजनीति पर कड़े प्रहार पर सहमत

हरियाणा में लोकसभा चुनाव के नतीजे भाजपा की अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहे हैं। साल 2019 में राज्य की सभी 10 लोकसभा सीटें जीतने वाली भाजपा साल 2024 में सिर्फ पांच लोकसभा सीटों तक सिमट गई है। ऐसे में भाजपा के समक्ष राज्य में येन-केन-प्रकारेण तीसरी बार सरकार बनाने की बहुत बड़ी चुनौती है। पिछले दिनों फरीदाबाद में हुई आरएसएस और भाजपा की समन्वय बैठक में भाजपा नेताओं द्वारा परिवार के सदस्यों के लिए मांगे जा रहे टिकटों को लेकर चर्चा हुई थी। आरएसएस इस हक में नहीं था कि भाजपा में परिवारवाद की राजनीति पर कड़े प्रहार किए, लेकिन भाजपा के कुछ रणनीतिकारों का मानना है कि इस चुनाव में उसके लिए एक-एक सीट पर जीत हासिल करना बहुत जरूरी है। ऐसे में यदि उसे कुछ सीटों पर समझौता भी करना पड़ा तो नया प्रयोग करने में कोई हर्ज नहीं है।

टिकटों के आवंटन में रीति-नीति का ध्यान रखेगी भाजपा

टिकटों के आवंटन में सभी तरह के सर्वेक्षणों और पार्टी की रीति-नीति का ध्यान रखते हुए अगर परिवार का कोई सदस्य सीट जीत सकने की स्थिति में होगा तो उस पर गंभीरता से विचार किया जा सकता है। खास बात यह है कि भाजपा में अधिकतर वह नेता अपने परिवार के सदस्यों के लिए टिकट मांग रहे हैं, जो किसी समय दूसरे दलों की राजनीति करते थे और अब भाजपा को समर्पित हैं। केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत इस बार के विधानसभा चुनाव में हर हाल में अपनी बेटी आरती राव को चुनावी रण में उतारने वाले हैं। आरती राव को साल 2019 में भी भाजपा ने टिकट नहीं दिया था। आरती राव अटेली और रेवाड़ी से टिकट की दावेदार हैं। पार्टी उन्हें टिकट नहीं देती तो उनका निर्दलीय चुनावी रण में उतरना तय है।

कृष्णपाल गुर्जर और किरण चौधरी के परिजनों की दावेदारी

केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर अपने बेटे देवेंद्र चौधरी के लिए तिगांव और बड़खल से टिकट मांग रहे हैं। देवेंद्र चौधरी की पहली दावेदारी तिगांव को लेकर है। यहां पर भाजपा के मौजूदा विधायक राजेश नागर हैं, जबकि बड़खल से भाजपा सरकार में राज्य मंत्री सीमा त्रिखा हैं। बड़खल से कृष्णपाल गुर्जर के समर्थक धनेश अदलखा भी टिकट की दौ़ड़ में शामिल हैं। भिवानी-महेंद्रगढ़ के भाजपा सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह अपने बेटे मोहित चौधरी के लिए सोहना और चरखी दादरी से टिकट मांग रहे हैं। भाजपा की राज्यसभा सदस्य बनने को तैयार किरण चौधरी अपनी बेटी पूर्व सांसद श्रुति चौधरी के लिए तोशाम से टिकट की दावेदारी कर रही हैं। तोशाम से किरण चौधरी विधायक रही हैं और भाजपा में अपनी बेटी का राजनीतिक भविष्य सुरक्षित करने का इरादा रखती हैं। भाजपा के नेशनल सेक्रेटरी ओमप्रकाश धनखड़ अपने बेटे आदित्य धनखड़ को राजनीतिक में स्थापित करने के लिए प्रयासरत हैं।

प्रो. गणेशी लाल और प्रो. रामबिलास शर्मा का पुत्र प्रेम

हरियाणा भाजपा की चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष एवं हिसार व भिवानी के पूर्व सांसद कुलदीप बिश्नोई अपने बेटे भव्य बिश्नोई के लिए टिकट मांग रहे हैं। भव्य बिश्नोई हालांकि हाल फिलहाल भी आदमपुर से ही विधायक हैं। हरियाणा विधानसभा के स्पीकर डा. ज्ञानचंद गुप्ता अपने भतीजे अमित गुप्ता के लिए पंचकूला से विधानसभा की टिकट मांग रहे हैं। कुरुक्षेत्र के भाजपा सांसद नवीन जिंदल अपनी माता पूर्व मंत्री सावित्री जिंदल के लिए हिसार से टिकट मांग रहे हैं। हिसार से स्वास्थ्य एवं नागरिक उड्डयन मंत्री डा. कमल गुप्ता मौजूदा विधायक हैं। सावित्री जिंदल के साथ-साथ भाजपा नेता तरुण जैन भी हिसार से टिकट के प्रलब दावेदारों में शामिल हैं। रेवाड़ी के पूर्व विधायक रणधीर कापड़ीवास अपने भतीजे मुकेश कापड़ीवास के लिए रेवाड़ी से टिकट की मांग कर रहे हैं। ओड़िसा के पूर्व राज्यपाल प्रो. गणेशी लाल अपने बेटे मनीष सिंगला के लिए सिरसा से टिकट मांग रहे हैं, जबकि हरियाणा भाजपा के पूर्व अध्यक्ष प्रो. रामबिलास शर्मा की इच्छा भी अपने बेटे को भाजपा की राजनीति में स्थापित करने की है।

 

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