चीन की जनसंख्या में लगातार दूसरे वर्ष गिरावट, बूढ़ी हो रही जनसंख्या अर्थव्यवस्था को कर सकती है प्रभावित

बीजिंग, एजेंसी: चीन की जनसंख्या में लगातार दूसरे वर्ष गिरावट दर्ज की गई है। 1949 के बाद से जन्म दर सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। सांख्यिकी ब्यूरो की बुधवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार, 2023 में जनसंख्या में 20 लाख लोगों की गिरावट आई है। वर्तमान में कुल जनसंख्या 1.4 अरब है। कोविड प्रतिबंधों के हटने के बाद जनसंख्या में कमी और मृतकों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है। मौतों की संख्या दोगुनी से भी बढ़कर 690,000 हो गई है।
चीन की जनसंख्या में छह दशकों में पहली बार 2022 में गिरावट दर्ज की गई थी।
अलग समस्या का सामना कर रहा है चीन
जनसंख्या लगातार बूढ़ी हो रही है, जो समय के साथ आर्थिक विकास को धीमा कर सकती है और कम श्रमिकों के साथ बड़ी बुजुर्ग आबादी देश की क्षमता को चुनौती दे सकती है। चीन कभी अपनी एक बच्चे की नीति के साथ जनसंख्या वृद्धि को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहा था, अब वह विपरीत समस्या का सामना कर रहा है।
लोगों को अधिक बच्चे पैदा करने को प्रोत्साहित कर रही है सरकार
सरकार ने 2016 में अपनी एक बच्चे की नीति को आधिकारिक तौर पर समाप्त करने के बाद से लोगों को बच्चे पैदा करने को प्रोत्साहित करने की कोशिश की है, लेकिन इसमें उसे बहुत कम सफलता मिली है। लोग देर से शादी कर रहे हैं और कभी-कभी बच्चे पैदा न करने का भी विकल्प चुन रहे हैं। जो पैदा करना चाह रहे हैं, वह भी बच्चों की शिक्षा पर होने वाले खर्च को देखकर सिर्फ एक ही बच्चा कर रहे हैं। गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष के आंकड़ों के अनुसार, भारत पिछले साल 142.86 करोड़ लोगों के साथ चीन को पीछे छोड़कर दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश बन गया है।
