Kaithal News: हार के बाद भाजपा की पूर्व मंत्री कमलेश ढांडा का वीडियो वायरल, सरपंचों को चेतावनी देते हुए कही ये बात
कमलेश ढांडा
नरेन्द्र सहारण, कैथल : Kaithal News: हरियाणा के कैथल जिले की कलायत विधानसभा सीट पर विधानसभा चुनाव में हार के बाद भाजपा की पूर्व मंत्री कमलेश ढांडा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में कमलेश ढांडा ने हार के लिए कुछ सरपंचों को जिम्मेदार ठहराया और कड़ी चेतावनी दी कि जिन्होंने कांग्रेस का समर्थन किया, उन्हें इसके नतीजे भुगतने पड़ेंगे।
पूर्व मंत्री कमलेश ढांडा को इस चुनाव में हिसार के सांसद जयप्रकाश के बेटे विकास सहारण ने हराया था। सहारण ने ढांडा को 13,000 से अधिक वोटों के अंतर से शिकस्त दी। चुनाव परिणाम के बाद ढांडा की हार का दुख जाहिर करने के लिए आयोजित एक बैठक में उनका गुस्सा साफ नजर आया। इस बैठक के वायरल वीडियो में उन्होंने कहा कि जिन सरपंचों ने कांग्रेस पार्टी का समर्थन किया, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और उन्हें इसके परिणाम भुगतने होंगे।
हार के कारणों पर बोलीं कमलेश ढांडा
कमलेश ढांडा का मानना था कि उनकी हार में कुछ सरपंचों की भूमिका अहम रही। उन्होंने बैठक में कहा, “बहुत सारे सरपंच बहक गए थे और उन्हें यह विश्वास दिलाया गया था कि कांग्रेस की सरकार आएगी, जिससे वे मालामाल हो जाएंगे।” ढांडा के मुताबिक, इन सरपंचों को कांग्रेस की ओर से बहकाया गया था, जिसके कारण वे भाजपा के खिलाफ हो गए। इस बहकावे में आकर कई सरपंचों ने कांग्रेस के पक्ष में वोट किया, जिससे उनकी हार की संभावना बढ़ी।
पूर्व मंत्री ने अपने समर्थकों से भी कहा कि जिन सरपंचों ने उनका समर्थन किया, उन्हें उनका समर्थन बिना किसी शर्त के मिलता रहेगा। “जो लोग मेरे साथ हैं, मैं उन्हें हर प्रकार से मदद करूंगी। विकास कार्यों में कोई कमी नहीं आने दूंगी।
सरपंचों को दी कड़ी चेतावनी
बैठक में ढांडा ने स्पष्ट रूप से कहा कि जिन्होंने अन्याय किया है, उन्हें इसके परिणाम भुगतने होंगे। चेतावनी भरे स्वर में उन्होंने कहा, “दूसरे सरपंचों को भी ये संदेश देना कि उन्होंने जो किया है, उसका नतीजा उन्हें भुगतना पड़ेगा।” यह बयान भाजपा के नेताओं की एक रणनीति को भी उजागर करता है, जिसमें पार्टी हार के बाद अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराने की कोशिश कर रही है।
ढांडा ने अपने इस बयान में यह भी कहा कि जो सरपंच और कार्यकर्ता सही मायने में उनके साथ थे, वे भविष्य में भी उनके विकास कार्यों में भागीदार बने रहेंगे। साथ ही, उन्होंने यह भी जताया कि उन्हें चुनाव में हार का दुख है, लेकिन वे अपने समर्थकों को निराश नहीं होने देंगी।
हार के बाद पार्टी की स्थिति
इस हार के बाद भाजपा में भीतरघात की चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। कमलेश ढांडा के इस बयान ने साफ कर दिया है कि पार्टी के भीतर कई ऐसे लोग हैं, जो अपनी हार का ठीकरा अन्य पर फोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। ढांडा की हार में कुछ सरपंचों के कांग्रेस के साथ जाने को कारण बताया जा रहा है। हालांकि, यह भी स्पष्ट है कि इस हार के बाद भाजपा की राजनीति में कुछ अंतर्द्वंद्व उभर सकते हैं, जो पार्टी की छवि पर असर डाल सकते हैं।
वहीं, कमलेश ढांडा के इस बयान को लेकर कांग्रेस ने भी पलटवार किया है। कांग्रेस के नेता इसे हार की बेबसी का संकेत मानते हैं और दावा करते हैं कि ढांडा और भाजपा हार के कारणों को स्वीकार करने की बजाय दूसरों पर आरोप लगा रहे हैं।
भविष्य की राजनीति
भले ही कमलेश ढांडा ने हार के बाद अपने समर्थकों को साथ देने की बात कही हो, लेकिन उनका यह बयान पार्टी के भीतर असंतोष और भ्रम को उजागर करता है। हार के बाद भाजपा के नेताओं के बीच इस तरह के बयान राजनीति में नए सवाल खड़े कर रहे हैं। अब देखना यह होगा कि ढांडा इस हार के बाद राजनीतिक करियर को कैसे आकार देती हैं।
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