Haryana News: हुड्‌डा खाप ने किया फिल्म दो पत्ती का विरोध : बोले- गोत्र को गलत दर्शाया, जानें क्‍या है मामला

Hooda Khap

रोहतक की छोटूराम धर्मशाला में पत्रकार वार्ता करते हुए हुड्‌डा खाप के पदाधिकारी

नरेन्द्र सहारण, रोहतक। Haryana News: हरियाणा के रोहतक स्थित छोटूराम धर्मशाला में हुड्‌डा खाप के पदाधिकारियों ने एक पत्रकार वार्ता आयोजित की, जिसमें उन्होंने हाल ही में रिलीज हुई फिल्म “दो पत्ती” में हुड्‌डा गोत्र को गलत तरीके से पेश करने का विरोध किया। खाप नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि इस फिल्म में बदलाव नहीं किया गया तो वे 10 नवंबर को सर्व हुड्‌डा खाप की बैठक बुलाकर आगे की रणनीति तय करेंगे।

फिल्म पर आपत्ति

 

सर्व हुड्डा खाप के प्रधान ओमप्रकाश हुड्डा ने कहा कि नेटफ्लिक्स पर 28 अक्टूबर को रिलीज हुई “दो पत्ती” फिल्म में जाट समाज के हुड्डा गोत्र के बारे में किए गए संवाद का उन्होंने संज्ञान लिया है। उनका आरोप है कि इस फिल्म में गोत्र को बदनाम करने का प्रयास किया गया है, जो एक आपराधिक षड्यंत्र है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर फिल्म के निर्माताओं ने संवाद को नहीं हटाया और सार्वजनिक माफी नहीं मांगी, तो वे कानूनी कार्रवाई करेंगे और सामाजिक स्तर पर कड़े कदम उठाने पर विचार करेंगे।

जाट समाज की भूमिका

 

हुड्डा ने कहा कि जाट समाज के सभी गोत्र देश और समाज के हित में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विशेष रूप से हुड्डा गोत्र की उपलब्धियों का उल्लेख किया, जिसमें सेना, खेल, विज्ञान, प्रशासन, समाज सेवा, अभिनय और कानूनी प्रक्रिया जैसे क्षेत्रों में योगदान शामिल है। उनका मानना है कि इस प्रकार की फिल्में समाज को गलत संदेश देती हैं और समाज के विभिन्न वर्गों के बीच तनाव पैदा कर सकती हैं।

मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री से अपील

 

हुड्डा खाप के प्रधान ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी और केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव से भी इस मामले पर त्वरित कार्रवाई की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार को समय रहते उन लोगों पर कार्रवाई करनी चाहिए, जो जाट समाज को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं। यदि ऐसा नहीं किया गया, तो जाट समाज में रोष बढ़ सकता है, जिसे नियंत्रित करना मुश्किल होगा।

बैठक की तैयारी

10 नवंबर को बसंतपुर स्थित ऐतिहासिक चबूतरे पर बुलाई गई बैठक में खाप के सदस्य अपनी आगे की रणनीति तय करेंगे। इस बैठक में सामाजिक कार्यकर्ता सुरेंद्र सिंह हुड्डा, हरियाणा के पूर्व उप महाधिवक्ता सतीश हुड्डा, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के पूर्व सहायक महाप्रबंधक जय भगवान हुड्डा, और सर्व हुड्डा खाप के सचिव कृष्ण लाल हुड्डा भी शामिल होंगे।

इस प्रेस वार्ता के दौरान खाप के नेताओं ने फिल्म के निर्माता, निर्देशक और कलाकारों को चेतावनी दी कि यदि उन्होंने संवाद को हटाने और माफी मांगने की प्रक्रिया में देरी की, तो वे इसे गंभीरता से लेंगे। इससे यह संकेत मिलता है कि जाट समाज इस मुद्दे को लेकर गंभीर है और वे अपनी पहचान और सम्मान के लिए लड़ने को तैयार हैं।

सामाजिक असंतोष

 

यह घटनाक्रम यह दर्शाता है कि फिल्म उद्योग और सामाजिक संरचनाओं के बीच एक संवेदनशील संबंध होता है। फिल्मों के माध्यम से किसी समुदाय की छवि को गलत तरीके से प्रस्तुत करने के परिणामस्वरूप न केवल कानूनी विवाद पैदा हो सकते हैं, बल्कि सामाजिक असंतोष भी बढ़ सकता है। जाट समाज के प्रतिनिधियों की यह पहल इस बात का संकेत है कि वे अपनी सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक सम्मान की रक्षा के लिए तत्पर हैं।

 

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