हरियाणा में मौसम में अचानक बदलाव, दिन में गर्मी ने किया बेहाल, शाम को आंधी-वर्षा

Haryana Rain

नरेन्‍द्र सहारण, हिसार : Haryana Rain Strom: हरियाणा में शुक्रवार शाम को मौसम में एक अप्रत्याशित बदलाव देखने को मिला, जब हिसार के हांसी-बालसमंद रोड पर तेज बारिश ने दस्तक दी। इस दौरान उत्तर हरियाणा के अनेक जिलों में काली घटाएं छा गईं, जिससे तेज आंधी चली। मौसम में यह परिवर्तन केवल राहत देने वाला ही नहीं था बल्कि यह गर्मी के बढ़ते तापमान को कम करने में भी सहायक साबित होगा। हिसार, सिरसा, जींद, झज्जर, भिवानी, रोहतक, पानीपत, फतेहाबाद, सोनीपत, कुरुक्षेत्र और यमुनानगर में तेज आंधी के साथ बारिश हुई। हिसार के बरवाला में बारिश के साथ ओले भी गिरे।

मौसम विज्ञानियों की चेतावनी

कुरुक्षेत्र के पिहोवा में खेत में लगी आग तूफान की वजह से भड़क गई। तेज हवा चलने के कारण आग की लपटें घरों तक पहुंच गई। लोग घरों से निकलकर सड़क की तरफ चले गए। मौसम विज्ञानियों ने शुक्रवार को उत्तर हरियाणा के छह जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलने वाली आंधी और बारिश के लिए ओरेंज और यलो अलर्ट जारी किया। माना जा रहा है कि इस मौसम परिवर्तन से न केवल तापमान में गिरावट आएगी बल्कि किसानों के लिए भी यह बारिश फायदेमंद साबित हो सकती है।

सोनीपत में तेज बारिश और हिसार के बरवाला में ओले गिरे। कुरुक्षेत्र में तूफान में आग भड़क गई। - Dainik Bhaskar

हिसार का तापमान

राजस्थान के साथ लगते हिसार के बालसमंद क्षेत्र का अधिकतम तापमान 43.7 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया, जो प्रदेश में सर्वाधिक है। इस गर्मी ने पहले ही आबादी को परेशान किया था, लेकिन अब मौसम के इस परिवर्तन ने राहत की सांस दिलाई है।

मौसम का पूर्वानुमान

भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, उत्तर हरियाणा के पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर में ओरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, करनाल, कैथल और कुरुक्षेत्र में यलो अलर्ट के तहत आवश्यक सावधानियों की सलाह दी गई है।

तेज आंधी और बारिश की शुरुआत

शुक्रवार शाम लगभग सात बजे मौसम में बदलाव के संकेत मिलने लगे और अचानक तेज आंधी ने जोर पकड़ लिया। दिन के समय गर्मी बढ़ने पर अधिकतम तापमान में लगभग दो डिग्री तक वृद्धि देखी गई थी, लेकिन आंधी और बारिश ने इस गर्मी को कम करने में मदद की।

बारिश का महत्व

हरियाणा के किसानों के लिए यह बारिश अत्यधिक महत्वपूर्ण है खासकर उन किसानों के लिए जो खरीफ फसलों की खेती करते हैं। जुलाई और अगस्त में होने वाली बारिश उनके लिए फसलों की अच्छी पैदावार के लिए आवश्यक होती है।

परिवर्तनशील जलवायु

हरियाणा में इस तरह के मौसम में बदलाव भविष्य की जलवायु परिवर्तन के संकेत भी हो सकते हैं। जलवायु परिवर्तन ने पूरे देश में मौसम के पैटर्न को प्रभावित किया है, और यह उम्मीद की जाती है कि आगे भी इस तरह के बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

किसानों की तैयारियां

किसान इस बारिश की प्रतीक्षा कर रहे थे और उन्होंने अपनी तैयारियाँ शुरू कर दी थीं। अधिकांश किसान खेतों में पहले से ही तैयारी कर चुके थे ताकि बारिश का पानी फसलों के लिए अधिक उपयोगी हो सके।

मौसम का प्रभाव

तेज आंधी और बारिश के कारण पूरे प्रदेश में बिजली भी कट सकती है। ऐसे में मौसम विज्ञान विभाग ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है और आवश्यक सुरक्षा उपाय करने का आग्रह किया है।

चेतावनियों का पालन करें

हरियाणा में अचानक से मौसम में बदलाव ने न केवल तापमान में गिरावट लाई बल्कि किसानों के लिए भी संभावनाओं के नए दरवाजे खोले हैं। यह मौसम परिवर्तन असामान्य तो है लेकिन इसके फायदे भी कम नहीं हैं। हमें उम्मीद है कि यह बारिश किसानों के लिए फायदेमंद साबित होगी और प्रदेश में कृषि उत्पादन को बढ़ावा देगी। सभी नागरिकों से अनुरोध है कि वे मौसम परिवर्तन के प्रति सजग रहें और मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करें।

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