बीएचयू के डिप्टी रजिस्ट्रार के पारिवारिक विवाद ने पकड़ा तूल, पत्नी ने लगाई परिवार बचाने की गुहार

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वाराणसी, BNM News: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के एक डिप्टी रजिस्ट्रार से जुड़े पारिवारिक विवाद का मामला अब प्रशासनिक स्तर तक पहुंच गया है। अधिकारी की पत्नी ने संस्थान के वरिष्ठ अधिकारियों को ईमेल भेजकर अपने परिवार को टूटने से बचाने और मामले में मानवीय हस्तक्षेप की मांग की है। महिला ने अपने पति के पिछले दो सप्ताह से घर से बाहर रहने पर चिंता जताते हुए काउंसलिंग की अपील की है।

आइएमएस निदेशक और ट्रामा सेंटर प्रभारी को भेजा ईमेल

पीड़ित महिला ने इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (आईएमएस) के निदेशक प्रो. एस.एन. संखवार और ट्रॉमा सेंटर के प्रोफेसर इंचार्ज प्रो. सौरभ सिंह को ईमेल भेजकर सहायता मांगी है। अपने पत्र में उन्होंने बताया कि बिना किसी बड़े विवाद या झगड़े के उनके पति पिछले 14 दिनों से घर छोड़कर बाहर रह रहे हैं। उन्हें जानकारी मिली है कि उनके पति किसी गेस्ट हाउस में ठहरे हुए हैं।

महिला ने अधिकारियों से अनुरोध किया है कि उनके पति संस्थान के वरिष्ठ अधिकारियों का सम्मान करते हैं, इसलिए उन्हें समझाकर और काउंसलिंग के माध्यम से घर वापस लौटने के लिए प्रेरित किया जाए।

वैवाहिक जीवन में हस्तक्षेप का लगाया आरोप

महिला ने सर सुंदरलाल अस्पताल की एक डिप्टी नर्सिंग सुपरिटेंडेंट पर उनके वैवाहिक जीवन में अनधिकृत हस्तक्षेप करने और गलतफहमियां पैदा करने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि इस संबंध में वह पहले ही आधिकारिक शिकायत दर्ज करा चुकी हैं और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर चुकी हैं।

बच्चों पर भी पड़ रहा मानसिक प्रभाव

अपने पत्र में महिला ने बताया कि वह मूल रूप से गैर-हिंदी भाषी क्षेत्र से हैं और वाराणसी उनके लिए एक नया शहर है। स्थानीय भाषा हिंदी और भोजपुरी की जानकारी सीमित होने के कारण वह कई मामलों में अपने पति पर निर्भर रही हैं। उन्होंने कहा कि पति के घर से दूर रहने के कारण उनकी तबीयत भी प्रभावित हो रही है, जबकि बच्चे लगातार मानसिक तनाव में हैं और पिता के लौटने का इंतजार कर रहे हैं।

महिला ने विश्वविद्यालय प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से मानवीय आधार पर जल्द हस्तक्षेप कर परिवार में शांति और सामंजस्य बहाल करने की मांग की है।

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