सौ साल में पहली बार… देश की 40% संपत्ति, 22% आय 1% अमीरों के पास
विश्व असमानता रिपोर्ट भारत में ज्यादा असमानता
सौ साल में पहली बार… देश की 40% संपत्ति, 22% आय 1% अमीरों के पास

एजेंसी | दिल्ली
भारत में अब अमीरों और गरीबों के बीच अंग्रेजों के राज से भी ज्यादा असमानता का दौर है। वर्ल्ड इनइक्वलिटी लैब (विश्व असमानता रिपोर्ट) के अनुसार 2022-23 में देश की सबसे अमीर 1% आबादी की आय में हिस्सेदारी बढ़कर 22.6% हो गई है। वहीं संपत्ति में उनकी हिस्सेदारी बढ़कर 40.1% हो गई है। ऐसा सौ साल में पहली बार हुआ है।
‘भारत में आमदनी और संपत्ति में असमानता, 1922-2023: अरबपति राज का उदय’ शीर्षक वाली इस रिपोर्ट के अनुसार असमानता की खाई 1991 में आर्थिक उदारीकारण के बाद से बढ़ी है। लेकिन पिछले एक दशक में ज्यादा बढ़ोतरी हुई है।
देश में एक फीसदी अमीरों के पास आय-संपत्ति में हिस्सेदारी दुनिया के प्रमुख देशों में सबसे अधिक है। ये रिपोर्ट फ्रांसीसी अर्थशास्त्री थॉमस पिकेटी, हार्वर्ड केनेडी स्कूल के लुकास चैन्सल, न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के नितिन कुमार भारती व पेरिस स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के अनमोल सोमनची ने तैयार की है।
यूं बढ़ा टॉप 1% अमीरों की संपत्ति व आय का ग्राफ संपत्ति आय
2004 ,18%27%
2014 , 21%33%
2023 22.6%40,1%
1975 तक भारत और चीन की प्रति व्यक्ति औसत आय बराबर थी, 2000 में चीन बढ़ा
रिपोर्ट के अनुसार 1975 तक भारत और चीन के लोगों की औसत आय लगभग बराबर थी। 2000 तक चीन की औसत आय भारत से लगभग 35 फीसदी बढ़ गई। अब चीन के लोगों की औसत आय भारत से लगभग ढाई गुना ज्यादा हो गई है। चीन की धीमी ग्रोथ रेट की तुलना में पिछले तीन दशकों के दौरान भारत ने अच्छी ग्रोथ रेट हासिल की। फोर्ब्स की रैंकिंग के अनुसार भारत में 8 हजार 250 करोड़ रुपए (1 अरब डॉलर) से ज्यादा संपत्ति वाले अमीरों की संख्या 1991, 2011, 2022 में क्रमशः 1, 52 और 162 रही।
1980 के दशक की शुरुआत तक अंतर कम
1980 के दशक की शुरुआत तक असमानता का अंतर कम था। 2000 से इसमें बेहद तेजी आ गई। 2015 से 2023 में टॉप 1% अमीरों में संपत्ति का जमावड़ा बेहद ज्यादा हो गया। 1960 से 2022 के दौरान देश में औसत आय रियल टर्म में 2.6 फीसदी की दर से बढ़ी। जबकि 1990 से 2022 की अवधि के दौरान ये 3.6% की दर से बढ़ी।
रिपोर्ट में सुझाया रिपोर्ट में आय और संपत्ति पर टैक्स ढांचे को दुरुस्त करने की बता भी कहीं गई है। 2022-23 में 167 अमीर परिवारों की नेट संपत्ति पर 2% सुपर टैक्स लगाया जाता तो राष्ट्रीय आय का 0.5% राजस्व के रूप में मिलता।
