Kaithal News: बिजली विभाग की घोर लापरवाही के कारण बूंद- बूंद पानी को तरस रहे खेड़ी लांबा गांव के लोग

Kedi Lamba

खेड़ी लांबा गांव में जमीन पर टूटा पड़ा ट्रांसफार्मर ।

नरेंद्र सहारण, कैथल : Kaithal News: प्राकृतिक आपदाओं का प्रभाव हमारे जीवन के विभिन्न आयामों पर पड़ता है और जब ऐसी घटनाएं बड़े पैमाने पर होती हैं, तो इससे न केवल जीवन प्रभावित होता है बल्कि आधारभूत सुविधाओं में भी बाधा आती है। हरियाणा के कलायत कस्बे के अंतर्गत आने वाले खेड़ी लांबा गांव में भी ऐसी ही एक प्राकृतिक आपदा का प्रभाव देखा गया है। तेज आंधी और तूफान के कारण यह गांव जल आपूर्ति की समस्या से जूझ रहा है। इस घटना ने ग्रामीणों को पेयजल की गंभीर समस्या में डाल दिया है, जो उनके जीवन और स्वच्छता पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है।

आंधी तूफान का असर और जल आपूर्ति पर प्रभाव

 

लगभग एक सप्ताह पहले तेज आंधी और तूफान ने क्षेत्र में कहर बरपाया। इस प्राकृतिक आपदा का सबसे बड़ा प्रभाव बिजली लाइन और ट्रांसफार्मर पर पड़ा। विशेष रूप से खेड़ी लांबा गांव स्थित जल घर में लगा ट्रांसफार्मर और ट्रांसफार्मर के खंभे टूट कर गिर गए। इस कारण से जल घर में बिजली की सप्लाई बाधित हो गई। नतीजन ग्रामीणों को पेयजल की समस्या का सामना करना पड़ा।

कार्य में कोई प्रगति नहीं

 

गांव के जल विभाग के कर्मचारी गुरबचन ने बताया कि तूफान के कारण ट्रांसफार्मर और बिजली के खंभे टूटकर गिर गए थे। उन्होंने तुरंत ही यह जानकारी कलायत विद्युत विभाग को दी। इसके बाद विद्युत विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे, स्थिति का जायजा लिया और गिर चुके ट्रांसफार्मर और खंभों को ठीक करने का काम शुरू करने का आश्वासन दिया। लेकिन अभी तक इस कार्य में कोई प्रगति नहीं हुई है।

वर्तमान स्थिति और ग्रामीणों की परेशानियां

 

गांव में जल आपूर्ति मुख्य रूप से नहर का पानी पर निर्भर है। मौजूदा समय में नहर से पानी की सप्लाई नहीं हो पा रही है। इसके अतिरिक्त भूमिगत बौर (वाटर टैब) जो लगभग 1500 फीट की गहराई पर स्थापित है का पानी बहुत गर्म है, जिसे तुरंत पीना संभव नहीं है। जबकि गांव के जल घर में नहर का पानी मौजूद है, लेकिन बिजली की अनुपलब्धता के कारण पानी ग्रामीणों तक पहुंच नहीं पा रहा है। बिजली के नहीं होने से पंपिंग व्यवस्था भी ठप हो चुकी है और ग्रामीण पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं।

ग्रामीणों की समस्या और उनकी प्रतिक्रिया

ग्रामवासी पानी की कमी को लेकर चिंतित हैं। उनका कहना है कि पानी न मिलने के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी उत्पन्न हो रही हैं। विशेष रूप से गर्म पानी पीने में असुविधा हो रही है और स्वच्छ पेयजल के अभाव में वे अपनी दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों से शीघ्र बिजली की सप्लाई बहाल करने और जल आपूर्ति व्यवस्था बेहतर बनाने का अनुरोध किया है। उनका मानना है कि यदि विद्युत विभाग सक्रिय होकर तुरंत विद्युत सप्लाई शुरू कर दे, तो यह समस्या हल हो सकती है।

विभागीय प्रतिक्रिया और कार्रवाई

 

कलायत के विद्युत विभाग एसडीओ ने कहा कि तूफान के कारण कई स्थानों पर ट्रांसफार्मर और बिजली के पोल गिर गए हैं। अभी गिरे हुए ट्रांसफार्मर और पोल को ठीक करने का काम तेजी से चल रहा है। उन्होंने बताया, खेड़ी लांबा गांव
में अभी कोई शिकायत नहीं आई है, लेकिन स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जल्द ही कार्यवाही की जाएगी और ग्रामीणों की समस्या को दूर किया जाएगा।”

जल विभाग की स्थिति

जल विभाग के कर्मचारी ने भी कहा कि तूफान के कारण जल घर में लगे ट्रांसफार्मर टूट गए हैं, जिसके कारण पानी की सप्लाई बाधित है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल विभाग की टीम स्थिति का आकलन कर रही है और जैसे ही बिजली सप्लाई बहाल होगी, पानी की आपूर्ति भी शुरू कर दी जाएगी।”

भविष्य की संभावनाएं और आवश्यक कदम

इस तरह की प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए विभागों को पहले से तैयार रहना चाहिए। बिजली विभाग को चाहिए कि आपदा के तुरंत बाद फॉल्ट का पता लगाकर सुधार कार्य शुरू करें। साथ ही, जल विभाग को भी जल स्रोतों का बेहतर प्रबंधन और आपातकालीन योजना बनानी चाहिए ताकि पेयजल संकट से जल्दी निपटा जा सके।

ग्रामीणों की जागरूकता और स्वावलंबन

ग्रामीणों को चाहिए कि वे भी अपने संसाधनों का सदुपयोग करें और आपातकालीन स्थिति में सामूहिक प्रयास करें। साथ ही विभागीय अधिकारियों को चाहिए कि वे नियमित रूप से निरीक्षण करें और आपदा के दौरान तुरंत राहत कार्य शुरू करें।

त्वरित कार्रवाई आवश्यक

खराब मौसम और प्राकृतिक आपदाओं का असर हमारी जीवन व्यवस्था पर पड़ता है और इन परिस्थितियों में सही समय पर त्वरित कार्रवाई आवश्यक है। लांबाखेड़ी गांव में ट्रांसफार्मर गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण ग्रामीण पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। आशा की जानी चाहिए कि संबंधित विभाग जल्द ही कार्यवाही कर बिजली सप्लाई बहाल करेंगे और जल आपूर्ति की समस्या का स्थायी समाधान निकालेंगे। तभी ग्रामीण अपने जीवन को सामान्य स्थिति में ला सकते हैं और स्वच्छ पेयजल का उपयोग सुनिश्चित कर सकते हैं। यह घटना हमें यह भी सिखाती है कि प्राकृतिक आपदाओं के प्रभाव को कम करने के लिए सतर्कता और तत्परता आवश्यक है, ताकि जीवन और जीवनोपयोगी सुविधाएं बाधित न हों।

 

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