BJP केंद्रीय चुनाव समिति बैठक, देर रात तक हुआ उम्मीदवारों के नामों पर मंथन, आज जारी हो सकती है पहली लिस्ट

BJP Central Election Committee meeting

भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में पीएम मोदी , जेपी नड्डा

नई दिल्ली, BNM News: लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election 2024) में जीत की हैट्रिक के साथ 370 सीटें जीतने का लक्ष्य तय करने के बाद भाजपा ने उम्मीदवारों के नाम पर मंथन शुरू कर दिया है। गुरुवार को पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी) की बैठक से पूर्व प्रधानमंत्री निवास पर पार्टी के शीर्ष नेताओं की करीब छह घंटे तक चली बैठक में 21 राज्यों की 300 सीटों पर उम्मीदवारों का पैनल तैयार कर लिया गया। इस बैठक में पंजाब, आंध्रप्रदेश और तमिलनाडु में गठबंधन पर बातचीत तय होने तक उम्मीदवार घोषित नहीं करने का फैसला किया गया।

पीएम की अगुवाई में हुई मैराथन बैठक के बाद पार्टी मुख्यालय में देर रात सीईसी की बैठक शुरू हुई। पार्टी सूत्रों का कहना है कि लोकसभा चुनाव की अधिसूचना जारी होने से पूर्व संभवत: शुक्रवार या शनिवार को सौ से अधिक उम्मीदवारों की पहली सूची और दस मार्च तक करीब 250 सीटों पर उम्मीदवार घोषित कर दिए जाएंगे। पीएम आवास पर हुई बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह  सहित कई राज्यों के सीएम और डिप्टी सीएम मौजूद थे।

बैठक में उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, राजस्थान, मध्य प्रदेश, राजस्थान, त्रिपुरा, गोवा, उत्तराखंड, गुजरात, असम, झारखंड, तमिलनाडु, पुद्दुचेरी, अंडमान निकोबार, ओडिशा, दिल्ली, मणिपुर, जम्मू-कश्मीर की सीटों पर मंथन हुआ। इनसे जुड़ी करीब 300 सीटों पर तीन—तीन उम्मीदवारों का पैनल तैयार किया गया। पार्टी की योजना एक या दो मार्च को पहली सूची जारी करने और दस मार्च तक तीन सौ सीटों पर उम्मीदवार घोषित करने की है।

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किन उम्मदवारों को टिकट देना है, हुआ तय

केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक बुधवार को शाम छह बजे से शुरु होनी थी। लेकिन जेपी नड्डा और अमित शाह की प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनके आवास पर करीब 3 घंटे तक चली मैराथन बैठक की वजह से इसमें देरी हो गई। पीएम आवास पर चल रही बैठक की वजह से  केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक रात को 11 बजे शुरू हो सकी और शुक्रवार सुबह करीब तीन बजे बैठक खत्म हुई। बैठक में सबसे पहले उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, मध्य प्रदेश जैसे राज्यों की लोकसभा सीटों पर विचार और मंथन किया गया। पार्टी ने इस बात पर विचार किया कि किन उम्मदवारों को टिकट देना है, जो भाजपा को बंपर जीत दिला सकें। हालांकि उम्मीदवारों के नाम भी बैठक में फाइनल कर लिए गए हैं। अब सिर्फ नामों का ऐलान होना बाकी रह गया है। माना जा रहा है कि आज या कल में भाजपा उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर सकती है।

इस रणनीति से भाजपा ने तय किए उम्मीदवार

बता दें कि उम्मीदवारों के नामों पर मुहर लगाने के लिए भाजपा को लंबे-चौड़े प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। नमो ऐप पर जनता से सांसदों के बारे में जानकारी ली गई। लोगों से उनके क्षेत्र में तीन सर्वाधिक लोकप्रिय बीजेपी नेताओं के नाम पूछे गए। वहीं भाजपा सांसदों से पिछले दो सालों में किए गए उनके काम के बारे में रिपोर्ट मांगी गई। सर्वेक्षण करने वाली एजेंसियों से हर संसदीय क्षेत्र की रिपोर्ट मांगी गई। भाजपा शासित राज्यों में हर संसदीय क्षेत्र में मंत्रियों की ड्यूटी लगाई गई। इन मंत्रियों से कहा गया कि वे लोक सभा सीटों का दौरा कर सांसदों के बारे में रिपोर्ट लें। जिसके बाद पार्टी ने मंत्रियों और संगठन से मिली रिपोर्ट को प्रदेश स्तर पर चुनाव समिति की बैठक में रखा। संगठन महासचिवों ने आरएसएस का फीडबैक भी लिया। राज्यों की चुनाव समितियों की बैठकों में हर संसदीय सीट पर उम्मीदवारों के नामों का पैनल तैयार किया गया।

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उम्मीदवारों के चयन में RSS की भी अहम भूमिका

दिल्ली में केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक से पहले हर राज्य के कोर ग्रुप की भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह और संगठन महासचिव बी एल संतोष के साथ बैठक हुई। इन बैठकों में हर सीट पर संभावित उम्मीदवारों के नामों की चर्चा हुई. केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक से पहले प्रधानमंत्री मोदी के आवास पर पीएम मोदी के साथ गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा की लंबी बैठक हुई।  इस बैठक में भी उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा हुई और उसके बाद केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में राज्यवार उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा की गई। भाजपा ने हर सीट के हिसाब से रणनीति तैयार की है। यह देखा गया कि हर सीट को जीतने के लिए सबसे बेहतरीन उम्मीदवार कौन हो सकता है। वहीं उम्मीदवार अगर दूसरी पार्टी का है तो उसे भाजपा में लाने के लिए पूरा जोर लगाया गया,  इसके लिए बाकायदा हर राज्य में और केंद्रीय स्तर पर समितियां बनाई गई। ये भी तय किया गया कि जिन सांसदों का प्रदर्शन ठीक नहीं है, उनका टिकट बिना किसी झिझक के काट दिया जाएगा।

नए चेहरों को मिलेगा मौका, कटेंगे मौजूदा सांसदों के टिकट

दरअसल पीएम मोदी पहले ही कह चुके हैं कि हर सीट पर कमल लड़ रहा है। लोकसभा चुनाव में करीब 60-70 सांसदों के टिकट काटे जाएंगे. दो बार जीत चुके और उम्रदराज कई सांसदों की जगह नए चेहरों को मौका दिए जाने पर सहमति बनी है. हालांकि ज्यादा ओबीसी सांसदों के टिकट नहीं काटे जाएंगे. साल 2019 में भाजपा के 303 में से 85 ओबीसी सांसद जीत कर लोकसभा पहुंचे थे, इस बार भी पार्टी इसी तरह की रणनीति को फॉलो करना चाहती है।

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