चुनाव से एक दिन पहले महाराष्ट्र में पैसे बांटने के आरोप में घिरे भाजपा महासचिव व‍िनोद तावड़े, जानें क्‍या है मामला

Vinod Tawade

मुंबई, बीएनएम न्‍यूज : Maharashtra Assembly Election: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए मतदान से ठीक एक दिन पहले, भाजपा के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े एवं पार्टी के स्थानीय प्रत्याशी राजन नाइक के खिलाफ मंगलवार को चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया। उन पर पालघर जिले के विरार उपनगर में स्थित एक होटल में मतदाताओं को नकदी बांटने का आरोप लगा है। इस आरोप को बहुजन विकास आघाड़ी (बीवीए) के अध्यक्ष और विधायक हितेंद्र ठाकुर ने गंभीरता से उठाया है। हालांकि, तावड़े ने इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज करते हुए विपक्ष की हताशा करार दिया है।

घटना की शुरुआत और आरोपों की प्रकृति

मंगलवार को मुंबई से लगभग 60 किलोमीटर दूर स्थित पालघर जिले के होटल विवांता में यह पूरा प्रकरण सामने आया। बीवीए के विधायक क्षितिज ठाकुर, जो हितेंद्र ठाकुर के बेटे हैं, अपने कार्यकर्ताओं के साथ होटल में पहुंचे और कमरा नंबर 406 में ठहरे तावड़े और अन्य भाजपा नेताओं को घेर लिया। बताया जा रहा है कि उन्होंने वहां भाजपा नेताओं की डायरियां, लैपटॉप और कथित नकदी अपने कब्जे में ले ली। इस दौरान होटल के कमरे में हुई झड़प और बहस का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से प्रसारित हुआ, जिसमें बीवीए समर्थकों को तावड़े के चेहरे पर नकदी के बंडल फेंकते और उनसे तीखी बहस करते हुए देखा जा सकता है।

होटल से जाने देने की गुहार लगाई

 

घटना के बाद कुछ ही देर में खुद विधायक हितेंद्र ठाकुर भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने आरोप लगाया, “भाजपा नेता विनोद तावड़े वोटरों को पांच करोड़ रुपये बांटने के लिए विरार आए थे। मुझे भाजपा के ही कुछ सूत्रों ने पहले इस बारे में जानकारी दी थी। पहले तो मैं यकीन नहीं कर पा रहा था कि इतने बड़े स्तर का नेता ऐसा कर सकता है। लेकिन जब मैंने अपनी आंखों से देखा, तो यह साफ हो गया।” ठाकुर ने यह भी दावा किया कि घटना के बाद तावड़े ने उनसे कई बार फोन पर बात की और होटल से जाने देने की गुहार लगाई।

भाजपा का बचाव और आरोपों को खारिज करना

 

भाजपा नेता विनोद तावड़े ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से नकारते हुए कहा कि वह नालासोपारा निर्वाचन क्षेत्र में पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक कर रहे थे। तावड़े ने सफाई देते हुए कहा, “हम चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता के तहत ईवीएम को कैसे सुरक्षित किया जाए और शिकायतें दर्ज करने की प्रक्रिया पर चर्चा कर रहे थे। इसे विपक्ष ने गलत समझ लिया और इसे मुद्दा बना लिया। मैं राजनीति में 40 वर्षों से हूं, और मुझ पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। मैं जांच के लिए पूरी तरह से तैयार हूं।”

तावड़े ने आगे कहा कि बीवीए के हितेंद्र ठाकुर और उनके बेटे क्षितिज उन्हें बहुत अच्छी तरह जानते हैं। उन्होंने इस पूरे प्रकरण को एक राजनीतिक साजिश करार देते हुए कहा कि सीसीटीवी फुटेज की जांच में सच सामने आ जाएगा और विपक्ष का यह झूठ बेनकाब हो जाएगा।

चुनाव आयोग की कार्रवाई और जब्ती

 

पालघर के जिला कलेक्टर गोविंद बोडके ने बताया कि घटना की शिकायत मिलते ही चुनाव आयोग के आला अधिकारी होटल विवांता पहुंच गए। वहां से कुल 9,93,500 रुपये की नकदी जब्त की गई। जिला प्रशासन ने मामला दर्ज कर लिया और तावड़े पर मतदान से 48 घंटे पहले विरार में प्रवेश करने का उल्लंघन करने का आरोप भी जोड़ा, क्योंकि वह इस क्षेत्र के मतदाता नहीं हैं।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और विवाद

 

यह मामला जैसे ही सामने आया, विपक्षी दलों ने भाजपा पर तीखे हमले शुरू कर दिए। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए सवाल किया, “मोदी जी, यह पांच करोड़ रुपये किसकी सेफ से निकला है? जनता का पैसा लूटकर आपको किसने टेंपो में भेजा?” कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि महाराष्ट्र में धनबल और बाहुबल के जरिए लोकतंत्र को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।

उधर, शिवसेना (यूबीटी) के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने इसे “नोट जिहाद” करार दिया। उनकी पार्टी के प्रवक्ता संजय राउत ने आरोप लगाया कि भाजपा के विरार आने की सूचना बीवीए को गृह विभाग से मिली थी, और इसका इशारा उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की ओर किया। राउत ने कहा, “गृह मंत्रालय को जरूर पता होगा कि यह सूचना ठाकुर को किसने दी।”

महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रभारी रमेश चेन्निथला ने इस मामले में तावड़े की गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने चुनाव आयोग से इस प्रकरण पर सख्त कार्रवाई करने की अपील की। वहीं, भाजपा के बचाव में पार्टी अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि तावड़े पर लगे आरोप विपक्ष की साजिश का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा, “क्या राष्ट्रीय स्तर का नेता इस तरह से पैसे बांटेगा? यह सोचा भी नहीं जा सकता। तावड़े के खिलाफ फिल्म बनाई गई है और मीडिया को प्रबंधन कर फंसाने की कोशिश की जा रही है।”

अमित मालवीय का बयान भाजपा के आईटी विभाग प्रमुख अमित मालवीय ने कहा कि नकदी मिलने का दावा यदि सच है, तो उसे सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने सीसीटीवी फुटेज की जांच की मांग की, ताकि सच सामने आ सके।

इस घटना ने महाराष्ट्र के राजनीतिक माहौल में खलबली मचा दी है। दोनों पक्ष अपनी-अपनी स्थिति को सही ठहराने की कोशिश कर रहे हैं। जहां भाजपा इसे विपक्ष की साजिश बता रही है, वहीं विपक्ष इसे एक बड़े घोटाले के रूप में देख रहा है। चुनाव आयोग की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि सच्चाई क्या है। इस घटना का मतदान पर क्या असर पड़ेगा, यह देखना अभी बाकी है।

 

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