बंगाल में चुनाव के बाद बवाल: तीन जिलों में भारी हिंसा, पुलिस ने शुरू की जांच; चार मई तक छावनी में बदला राज्य
कोलकाता,BNM News। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण का मतदान संपन्न होते ही राज्य के विभिन्न हिस्सों से हिंसा की खबरें आने लगी हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार को मुर्शिदाबाद, मालदा और उत्तर 24 परगना जिलों में हिंसा की कम से कम तीन बड़ी घटनाएं दर्ज की गईं। पुलिस ने इन मामलों में जांच शुरू कर दी है।
मुर्शिदाबाद में चाय की दुकान पर सीपीआईएम एजेंट पर हमला
मुर्शिदाबाद जिले के इस्लामपुर थाना क्षेत्र के लोचनपुर में गुरुवार रात खूनी संघर्ष हुआ। यहां सीपीआईएम के पोलिंग एजेंट रूहूल अमीन पर जानलेवा हमला किया गया। पार्टी सूत्रों का आरोप है कि अमीन एक चाय की दुकान पर बैठे थे। तभी तृणमूल कांग्रेस के एक क्षेत्रीय पदाधिकारी के नेतृत्व में स्थानीय नेताओं के समूह ने उन पर हमला कर दिया। परिजनों के मुताबिक, रूहूल रात में घर से बाहर निकले थे।
परिवार का आरोप है कि उन्हें पीटा गया और जान से मारने की धमकी दी गई। बाद में उन्हें स्थानीय लोगों ने बचाया। सीपीआईएम ने आरोप लगाया कि शिकायत के बावजूद पुलिस ने शुरुआत में कोई कार्रवाई नहीं की। बाद में रानीनगर विधानसभा क्षेत्र के उम्मीदवार ने पुलिस अधीक्षक से संपर्क किया, जिसके बाद अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। इस मामले में एक गंभीर आरोप यह भी है कि चाय की दुकान के सीसीटीवी फुटेज का कुछ हिस्सा डिलीट कर दिया गया है।
मालदा में भाजपा नेता पर ईंटों से हमला
हिंसा की दूसरी घटना मालदा जिले के रतुआ क्षेत्र के उत्तर बालूपुर में सामने आई। यहां भाजपा के मंडल अध्यक्ष महानंदा मंडल पर गुरुवार दोपहर हमला हुआ। भाजपा नेताओं का आरोप है कि संदिग्ध टीएमसी कार्यकर्ताओं ने मंडल को बीच सड़क पर रोका। इसके बाद उन पर ईंटों से ताबड़तोड़ हमला किया गया। घायल मंडल को गंभीर हालत में मालदा मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।
वरिष्ठ भाजपा नेता खगेन मुर्मू ने अस्पताल जाकर उनका हाल जाना। मुर्मू ने आरोप लगाया कि केंद्रीय बलों की मौजूदगी के कारण टीएमसी मतदान के दौरान हिंसा नहीं कर सकी। अब वे हमारे पार्टी कार्यकर्ताओं को निशाना बना रहे हैं। हमने पुलिस को सूचित कर दिया है। हालांकि, टीएमसी ने इन सभी आरोपों को निराधार बताया है।
उत्तर 24 परगना में भाजपा-टीएमसी समर्थकों में भिड़ंत
हिंगलगंज थाना क्षेत्र के दुलदुली काकपाड़ा में भाजपा और टीएमसी समर्थकों के बीच हिंसक झड़प हुई। इस संघर्ष में पांच लोग घायल हुए हैं, जिनमें से दो की हालत गंभीर है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह संघर्ष राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के कारण हुआ। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में एक भाजपा समर्थक और एक टीएमसी समर्थक शामिल है।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि राज्य के विभिन्न हिस्सों से डराने-धमकाने और झड़पों की रिपोर्ट मिली हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘हमने इन घटनाओं का संज्ञान लिया है। हमारे अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है। ऐसी घटनाओं के पीछे जो भी लोग हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।’ गौरतलब है कि बुधवार को मतदान प्रक्रिया समाप्त हुई थी। चुनाव आयोग के अनुसार राज्य में रिकॉर्ड 92.84 प्रतिशत मतदान हुआ है। अब सभी की निगाहें सोमवार को आने वाले चुनाव परिणामों पर टिकी हैं।
