UPSC की इतिहास में पहली बार अधिकारी ने बदलवाया जेंडर, महिला IRS अफसर बनी पुरुष

नई दिल्ली, बीएनएम न्यूज: भारतीय सिविल सेवा में एक अनूठी घटना सामने आई है। पहली बार केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) की एक वरिष्ठ महिला अफसर को उनके आधिकारिक रिकॉर्ड में अपना नाम और लिंग बदलने की अनुमति दी है।

35 वर्षीय आईआरएस अफसर ने लिंग परिवर्तन कराया है और अब उन्हें सरकारी दस्तावेजों में भी अपनी पहचान बदलने की औपचारिक स्वीकृति मिल गई है। यह मामला 2013 बैच की आईआरएस अधिकारी एम. अनुसुइया का है, जो अब हैदराबाद में सीमा शुल्क, उत्पाद शुल्क और सेवा कर अपीलीय अधिकरण (सीईएसटीएटी) में संयुक्त आयुक्त (ज्वाइंट कमिश्नर) के पद पर कार्यरत हैं।

उन्होंने विभागीय लिखित दस्तावेजों में अपना नाम बदलकर एम. अनुकातिर सूर्या और लिंग को महिला से पुरुष करने की अपील की थी। 9 जुलाई, 2024 को सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्स एंड कस्टम्स ने उनकी अपील पर विचार किया और उनके नए नाम और लिंग को आधिकारिक रिकॉर्ड में मान्यता दे दी है। इस आदेश के अनुमोदन सक्षम अधिकारी ने किया है।

सूर्या का कैरियर यात्रा

सूर्या ने अपने करियर की शुरुआत चेन्नई में दिसंबर 2013 में बतौर असिस्टेंट कमिश्नर की थी। उसके बाद उन्हें 2018 में डिप्टी कमिश्नर के पद पर प्रोन्नति मिली। पिछले साल ही वह हैदराबाद में अपने मौजूदा पद पर आसीन हुए। सूर्या ने 2010 में एमआईटी से इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्यूनिकेशंस में डिग्री प्राप्त की थी। इसके बाद उन्होंने भोपाल से साइबर लॉ एंड साइबर फॉरेंसिक में पीजी डिप्लोमा किया।

गृह मंत्रालय की मंजूरी

हैदराबाद में तैनात ज्वाइंट कमिश्नर की नई पहचान को गृह मंत्रालय ने मंजूरी दी है। सरकारी रिकॉर्ड में उनके नए नाम श्री अनुकातिर सूर्या और पुरुष लिंग को दर्ज किया गया है। यह कदम भारतीय सिविल सेवा में लिंग परिवर्तन का पहला मामला है, जो भारतीय समाज और सरकारी संस्थाओं में लिंग पहचान के प्रति बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाता है।

सुप्रीम कोर्ट का थर्ड जेंडर पर फैसला

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 15 अप्रैल 2014 को नाल्सा केस में थर्ड जेंडर को मान्यता देने का ऐतिहासिक फैसला सुनाया था। इस फैसले के तहत, चाहे व्यक्ति ऑपरेशन के जरिए लिंग परिवर्तन कर अपना शारीरिक स्वरूप और पहचान बदलता हो, उसे कानूनी मान्यता दी जाएगी। इस फैसले ने ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को समान अधिकार और सम्मान प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

लिंग पहचान का महत्व

अनुकातिर सूर्या का यह कदम एक मिसाल के रूप में देखा जा सकता है, जो समाज में लिंग पहचान की स्वीकार्यता और उसके प्रति बदलते दृष्टिकोण को दर्शाता है। यह घटना न केवल भारतीय सिविल सेवा में बल्कि समाज के व्यापक परिप्रेक्ष्य में भी महत्वपूर्ण है। सूर्या के इस साहसिक कदम से यह संदेश मिलता है कि समाज में व्यक्ति की पहचान और उसकी इच्छाओं का सम्मान किया जाना चाहिए।

यह निर्णय और घटना समाज में बदलाव और विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह न केवल ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए बल्कि उन सभी के लिए प्रेरणा है जो अपने वास्तविक पहचान को स्वीकारने और उसे व्यक्त करने का साहस रखते हैं। भारतीय सिविल सेवा में इस प्रकार की घटनाएं समाज में जागरूकता और समावेशिता को बढ़ावा देने में सहायक सिद्ध होंगी।

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