Haryana Crime : रिश्वत के आरोप में गिरफ्तार साइबर थाने का एसएचओ निलंबित, जाल बिछाकर सीबीआई ने किया गिरफ्तार

नरेन्द्र सहारण, चंडीगढ़: Haryana Crime : क्रिप्टो करेंसी के जरिए ठगी करने के केस में फंसाने की धमकी देकर पांच लाख रुपये की रिश्वत लेते साइबर क्राइम थाने के इंस्पेक्टर बलवंत सिंह को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ) की टीम ने मंगलवार की मध्य रात्रि चंडीगढ़ सेक्टर-23 से गिरफ्तार कर लिया। सेक्टर-23 के ज्वैलरी शाप के संचालक सुखजीत सिंह को फंसाने की धमकी देकर 40 लाख रुपये की मांग की गई थी। बाद में पांच लाख रुपये में सौदा तय हुआ। आरोपित ये रकम अपने दो साथियों को भेजकर मंगवा रहा था। सीबीआइ ने उसके दो साथियों हरपाल सिंह और जनेदर सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया। तीनों को बुधवार को सीबीआइ की विशेष अदालत में भेजा गया, जहां तीनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

गिरफ्तारी के बाद रात में ही थाने से रिकार्ड ले गई सीबीआइ

 

आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद रात में ही सीबीआइ की टीम यहां सेक्टर 18 स्थित साइबर क्राइम थाना पहुंची। इस केस से संबंधित रिकार्ड कब्जे में लिया। इंस्पेक्टर बलवंत सिंह के कमरे की भी तलाशी ली गई। इस केस में कई पुलिस अधिकारियों की भी मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं, क्योंकि सीबीआइ की जांच उन तक भी पहुंच सकती है।

रंगे हाथ पकड़ा सीबीआइ ने

 

ज्वैलरी शाप के मालिक सुखजीत सिंह ने 10 अप्रैल को डीआइजी को शिकायत दी थी। इसमें बताया था कि जगाधरी साइबर सेल के इंस्पेक्टर बलवंत सिंह अपने साथी के साथ उनकी ज्वैलरी शाप पर आए थे। उन्होंने ज्वैलरी व्यवसायी विक्रमजीत सिंह के बारे में पूछताछ की। उन्होंने बताया कि वह उनके किरायेदार सुमीर उप्पल का साला है और उससे ज्वैलरी व्यवसाय का लेनदेन होता रहता है। इंस्पेक्टर ने कहा कि विक्रमजीत सिंह और आंचल मित्तल को हमने पकड़ा है। उन्होंने कहा कि विक्रमजीत सिंह के 40 लाख रुपये आपके पास हैं। उन्होंने केस दर्ज करने की धमकी दी। इसकी एवज में 40 लाख रुपये की मांग की। इसके बाद पांच लाख रुपये में बात तय हो गई। इसके बाद सीबीआइ ने इंस्पेक्टर बलवंत सिंह को पकड़ने के लिए जाल बिछाया गया। दो लोगों को पांच लाख रुपये लेते रंगे हाथ पकड़ा गया। इसके बाद इंस्पेक्टर को भी पकड़ लिया गया।

12 करोड़ रुपये की ठगी का है मामला

दरअसल, अमेरिका के फ्लोरिडा निवासी मरले ली कोरेजवो के पास सितंबर 2022 में काल आई थी। काल करने वालों ने खुद को बैंक कर्मी बता बैंक संबंधी डिटेल ली और कंप्यूटर के जरिए बिटक्वाइन खाते को हैक कर लिया। जिसके माध्यम से उससे लगभग 13 लाख डालर यानि लगभग 12 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई। इस मामले में मरले ली कोरेजवो ने अमेरिका में केस दर्ज कराया था। वहां से जांच में सामने आया कि भारत से यह धोखाधड़ी हुई है, क्योंकि जिन खातों में रकम गई थी। वह भारत के थे। मरले ली कोरेजवा के अधिवक्ता निहार अग्रवाल ने कोर्ट के आदेश पर साइबर क्राइम थाना में विक्रमजीत सिंह सहित दो महिलाओं आंचल मित्तल और सरिता के विरुद्ध केस दर्ज कराया था। इस केस में आरोपित विक्रमजीत को सबसे पहले गिरफ्तार किया गया था। उसके बाद से अब तक आठ आरोपित पकड़े जा चुके हैं। वहीं, इस तरह से ही क्रिप्टो करेंसी के जरिए ठगी करने के तीन मामले साइबर क्राइम थाने में दर्ज है। एक केस खुद इंस्पेक्टर बलवंत सिंह की शिकायत पर दर्ज है। तीनों केसों में आरोपित भी एक समान ही हैं।

हवाला के जरिये इधर से उधर किए गए रुपये

क्रिप्टोकरेंसी के जरिये ठगी करने वालों का बड़ा गिरोह है। इसमें काफी रुपये हवाला के जरिए इधर से उधर किए गए। जब आरोपित विक्रमजीत की गिरफ्तारी हुई तो उससे पूछताछ में कई बड़े नाम भी खुले। जिनके पास विक्रमजीत ने ठगी की रकम जमा कराई। इसमें ही चंडीगढ़ के ज्वैलरी शाप संचालक को भी इंस्पेक्टर बलवंत सिंह आरोपित बना रहे थे। बताया जा रहा है कि विजिलेंस को भी इस बारे में शिकायत दी गई। जिसकी जांच चल रही थी। इस बीच शिकायतकर्ता ने सीबीआइ के डीआइजी को भी शिकायत दे दी।

 

Tag- Haryana Crime, SHO of cyber police station arrested, bribery charges, CBI trap, Balwant Singh

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