चुनाव आयोग की वेबसाइट हैक करने के मामले में कैथल SDM ब्रह्म प्रकाश सस्पेंड

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नरेन्द्र सहारण, कैथलः हरियाणा के गवर्नर ने कैथल के असिस्टेंट रिटर्निंग अफसर (ARO) एसडीएम ब्रह्मप्रकाश को सस्पेंड कर दिया है। यह कार्रवाई उनकी ID से आम आदमी पार्टी (AAP) की 2 रैलियों की परमिशन में अभद्र भाषा के इस्तेमाल को लेकर की गई है। AAP ने कैथल में रैलियों की अनुमति के लिए चुनाव आयोग के ईएनसीओआरई (एनकोर) पोर्टल पर आवेदन किया था।

इन आवेदनों को असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर (ARO) ब्रह्मप्रकाश की ID से रिजेक्ट कर दिया गया और ‎रिजेक्शन के कारण में हरियाणवी शब्द‎ कोनी देंदे (नहीं देंगे) और आपत्तिजनक ‎शब्द (मां की गालियां) लिख दी। इतना ही नहीं ‎रिमार्क के ऑप्शन में रिजेक्शन लेटर की‎ बजाय पोर्न स्टार मियां खलीफा का फोटो अपलोड‎ कर दिया।इस पूरे मामले में ARO एसडीएम ब्रह्म प्रकाश ने पोर्टल का काम देख रहे 4 कम्प्यूटर‎ ऑपरेटर सुभाष कुमार, राम निवास, ललित कुमार व प्रकाश सिंह और एक जूनियर प्रोग्रामर प्रदीप कुमार को सस्पेंड‎ कर दिया था। जिसके बाद इसक बारे में पुलिस को शिकायत की।

जिसके बाद कैथल के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में अज्ञात आरोपियों पर FIR दर्ज कर ली गई है। इस मामले को लेकर कैथल के DC प्रशांत पंवार ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर कार्रवाई की जानकारी दी है। हालांकि चुनाव से जुड़ी महत्वपूर्ण काम में इस तरह की लापरवाही को देखते हुए गवर्नर ने एसडीएम पर भी कार्रवाई कर दी। हरियाणा के राज्यपाल ने आगे आदेश दिया कि निलंबन की अवधि के दौरान ब्रह्म प्रकाश का मुख्यालय मुख्य सचिव, हरियाणा सरकार के कार्यालय चंडीगढ़ में होगा और वो मुख्य सचिव, हरियाणा सरकार की पूर्व अनुमति प्राप्त किए बिना मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे।

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क्या था मामला

बता दें कि आम आदमी पार्टी द्वारा रैली के लिए मांगी गई परमिशन पर गाली लिखकर रिजेक्ट कर दिया था। वहीं साइबर पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले में पांच कर्मचारियों को पहले ही सस्पेंड किया जा चुका है। कैथल में चुनाव आयोग की वेबसाइट पर आम आदमी पार्टीकी तरफ से 2 रैलियों की अनुमति मांगने पर अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। AAP ने कैथल में रैलियों की अनुमति के लिए चुनाव आयोग के ईएनसीओआरई (एनकोर) पोर्टल पर आवेदन किया था। इन आवेदनों को असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर (ARO) की ID से रिजेक्ट कर दिया गया और ‎रिजेक्शन के कारण में हरियाणवी शब्द‎ कोनी देंदे (नहीं देंगे) और आपत्तिजनक ‎शब्द (गालियां) लिख दी।

ट्रेनिंग के दौरान पासवर्ड लीक हुआ या किसी कर्मचारी की करतूत

जिला सूचना अधिकारी दीपक खुराना ने अपने रिपोर्ट में कहा है कि दोनों ही रद्द प्रार्थना पत्रों की रिपोर्ट पर कोई डेट और टाइम नहीं है। उन्होंने संभावना जताई है कि 3 अप्रैल को होने निर्वाचन विभाग की ओर से आयोजित ट्रेनिंग मेंएआरओ व कार्यालय में नियुक्त आईटी टीम के कर्मचारियों ने भाग लिया था। जिस आवेदन पर टिप्पणी की गई है। उसी को डेमो के रूप में प्रयोग करते हुए पोर्टल के बारे में समझाया गया था। शायद इस समय किसी ने यूजर आईडी और पासवर्ड चुरा लिया हो। पुलिस भी अब इसी एंगल को ध्यान में रखते हुए काम कर रही है। साइबर सेल के प्रभारी शिव कुमार शर्मा ने बताया कि पुलिस पहले आरो कार्यालय का सभी रिकॉर्ड अपने कब्जे में लेगी। सभी ऑपरेटर के बयान भी दर्ज किए जाएंगे। उसके बाद किसने यूजर आईडी का दुरुपयोग किया है। इस बात का पता पुलिस लगाएगी।

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