लेखपाल बनते ही बेवफा हुई पत्नी, कारपेंटर पति से बोली- ‘तेरा मेरा कोई मेल नहीं’

झांसी, बीएनएम न्यूजः उत्तर प्रदेश के झांसी में पत्नी ने नौकरी लगते ही पति को छोड़ दिया। पत्नी ने लेखपाल का नियुक्ति पत्र मिलते ही पति से अलग होने का फैसला सुना दिया। पीड़ित पति ने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर मामले से अवगत कराया है। पति का नाम नीरज विश्वकर्मा है और उसकी पत्नी का नाम रिचा विश्वकर्मा है।

नीरज ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि आज से 5 साल पहले हम लोग मिले थे और हमने लव मैरिज की थी। मेरे पास शादी के कागजात मौजूद हैं, लेकिन अब मेरी पत्नी कहती है कि हमारी कोई शादी नहीं हुई है।

प्रेम और शादी की कहानी

नीरज विश्वकर्मा, एक कारपेंटर, की मुलाकात करीब पांच साल पहले ऋचा से हुई थी। दोनों के बीच पहली नजर में प्यार हो गया था। फरवरी 2022 में दोनों ने कोर्ट मैरेज कर ली थी। नीरज ने अपने सीमित संसाधनों के बावजूद ऋचा को पढ़ाई में सहयोग दिया। वह उसे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए समय और समर्थन देता रहा, यहाँ तक कि घर के कामों से मुक्त करके उसकी पढ़ाई के लिए खाना भी खुद बनाता था।

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सपनों की उड़ान और संबंधों में बदलाव

ऋचा का सपना था कि वह पढ़-लिखकर कुछ बने। नीरज ने उसे प्रोत्साहित किया और उसकी कोचिंग की फीस भरी। लेखपाल भर्ती के लिए फार्म निकला तो नीरज ने खुद बाजार से फार्म खरीदकर लाया और उसे परीक्षा की तैयारी के लिए पूरी तरह से सहयोग दिया।

फाइल फोटो

लेखपाल का रिजल्ट आते ही ऋचा का व्यवहार बदला

जब पिछले साल लेखपाल परीक्षा का परिणाम आया, तो ऋचा का चयन हो गया। इसके बाद उसके घर में खुशी की लहर दौड़ गई। लेकिन यह खुशी ज्यादा दिन टिक नहीं पाई। रिजल्ट देखने के बाद से ही ऋचा का व्यवहार बदलने लगा। करीब छह महीने पहले, एक दिन ऋचा कॉलेज जाने के बहाने घर से निकली और फिर वापस नहीं लौटी। नीरज ने उसकी तलाश सभी संभावित स्थानों पर की, यहां तक कि ससुराल में भी पूछताछ की, लेकिन कोई खबर नहीं मिली। अंततः नीरज ने पुलिस में ऋचा की गुमशुदगी दर्ज कराई।

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पुलिस का हस्तक्षेप और खुलासा

पुलिस ने ऋचा की तलाश कर दोनों को थाने में आमना-सामना कराया। इस दौरान ऋचा ने नीरज को पहचानने से भी इंकार कर दिया और कहा कि वह अब लेखपाल बन चुकी है, इसलिए किसी कारपेंटर से उसका कोई मेल नहीं है। नीरज ने पुलिस को बताया कि लेखपाल बनते ही उसकी पत्नी के तेवर बदल गए थे। उसने बातचीत करना तो दूर, फोन उठाना भी बंद कर दिया था।

अंतिम मुलाकात और संबंधों का अंत

बुधवार को ऋचा जब कलेक्ट्रेट में लेखपाल का सार्टिफिकेट लेने पहुंची, तो नीरज भी वहां पहुंचा, लेकिन ऋचा ने उसे देखकर चुपचाप पीछे के रास्ते से निकल गई। नीरज की सारी कोशिशें नाकाम रही और ऋचा ने स्पष्ट कर दिया कि उनके बीच अब कोई संबंध नहीं बचा है।

फाइल फोटो

मजदूरी कर पत्नी को पढ़ाया था: पीड़ित

पीड़ित पति ने कहा कि हमने ऋचा को पढ़ाने के लिए बड़ी मुश्किलों का सामना किया। हम कारपेंटर है। इन्होंने जो चाहा उसने किया। हम 400-500 रुपए प्रतिदिन कमाते थे। उसी से उसकी पढ़ाई कराई, कई बार तो कर्ज भी लेना पड़ा। आज हम दिन रात उसे याद करते हैं। रात में नींद भी नहीं आती है। आज वह कहती है कि हमारी शादी नहीं हुई है।

हमारे पास शादी की फोटो और प्रमाणपत्र है, क्या यह फर्जी हैं। हमारी ओरछा में शादी हुई थी फरवरी 2022 में। हम काफी परेशान है, उसके लिए दर-दर भटक रहे हैं। जहां एक ओर पति अपनी पत्नी को वापस पाने के लिए अधिकारियों के यहां चक्कर लगा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर लड़की का कहना है कि उसने नीरज के साथ शादी ही नहीं की। उसने कहा कि यह उसे बदनाम करने की साजिश है।

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